अमेरिका से 1.74 लाख टन LPG लेकर भारत की ओर टैंकर, ‘देश गरिमा’ भी कच्चे तेल के साथ मुंबई पहुंचने को तैयार
भारत की ऊर्जा आपूर्ति को मजबूती देने के बीच बड़े समुद्री शिपमेंट्स की आवाजाही तेज हो गई है।
सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी गेल इंडिया लिमिटेड का एलएनजी टैंकर ‘एनर्जी फिडेलिटी’ अमेरिका के साबाइन पास टर्मिनल से 1.74 लाख टन एलएनजी लेकर भारत के लिए रवाना हो चुका है। इस पोत को 20 अप्रैल को ह्यूस्टन में आयोजित एक समारोह के दौरान भारत के महावाणिज्य दूत डीसी मंजूनाथ ने हरी झंडी दिखाई।
गेल के मुताबिक, ‘एनर्जी फिडेलिटी’ कंपनी की आधुनिक शिपिंग रणनीति का अहम हिस्सा है। यह पोत उन्नत तकनीकों, जैसे एयर लुब्रिकेशन सिस्टम, से लैस है, जिससे ईंधन दक्षता बढ़ती है और समुद्री यात्रा के दौरान कार्बन उत्सर्जन में कमी आती है। अधिकारियों का कहना है कि यह भारत-अमेरिका के बीच मजबूत होती ऊर्जा साझेदारी और दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इधर, इराक से 97,422 टन कच्चा तेल लेकर आ रहा भारतीय पोत ‘देश गरिमा’ भी सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुका है और जल्द ही मुंबई पोर्ट पहुंचने वाला है। क्षेत्र में जारी तनाव के बावजूद इस जहाज का सुरक्षित मार्ग पार करना भारत के लिए राहत भरी खबर माना जा रहा है।
वहीं, सरकार ने उन खबरों को खारिज किया है जिनमें दावा किया जा रहा था कि होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए भारत ने ईरान को भुगतान किया है। बंदरगाह, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने स्पष्ट किया कि ऐसी रिपोर्ट्स पूरी तरह निराधार हैं।
ऊर्जा क्षेत्र में एक और अहम फैसले के तहत सरकार ने विमान ईंधन (एटीएफ) में एथनॉल और सिंथेटिक हाइड्रोकार्बन मिलाने की अनुमति दे दी है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, इस कदम का उद्देश्य उत्सर्जन कम करना और कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता घटाना है, हालांकि फिलहाल इसके लिए कोई अनिवार्य लक्ष्य तय नहीं किया गया है।
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