अयोध्या: चढ़ावा चोरी मामले में 8 आरोपी जेल भेजे गए, ट्रस्ट ने चंपत राय के इस्तीफे की खबरों का किया खंडन
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के दानपात्रों से चढ़ावा चोरी के मामले में गिरफ्तार सभी आठ आरोपितों को शुक्रवार को अयोध्या की अदालत में पेश किया गया, जहां रिमांड मजिस्ट्रेट निवेदिता सिंह ने उन्हें 29 जून तक न्यायिक हिरासत में जिला कारागार भेज दिया। शासन ने मामले की जांच पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) आशुतोष त्रिपाठी को सौंपी है। पुलिस अब आरोपितों को एंटी करप्शन कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड की मांग करेगी।
पुलिस के अनुसार, आरोपितों के पास से 79.85 लाख रुपये नकद, 1,000 अमेरिकी डॉलर और अन्य विदेशी मुद्राएं बरामद हुई हैं। ट्रस्ट सदस्य कृष्णमोहन की शिकायत पर गुरुवार को मंदिर के सेवकों, चढ़ावा गिनने वाले कर्मचारियों, एक सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी समेत आठ लोगों और कुछ अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ रामजन्मभूमि थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद सभी आरोपितों को उसी रात गिरफ्तार कर लिया गया।
इसी बीच, ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य डॉ. अनिल कुमार मिश्र के इस्तीफे की खबरें दिनभर टीवी चैनलों और सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी रहीं। कुछ मीडिया रिपोर्टों में उनके इस्तीफे की पुष्टि तक का दावा किया गया। हालांकि, ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास और मंदिर व्यवस्थापक गोपाल राव ने इन खबरों का स्पष्ट खंडन किया। चंपत राय के एक प्रतिनिधि ने भी नाम न छापने की शर्त पर कहा कि उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया है।
अभियोजन अधिकारी केसी वर्मा और प्रभारी संयुक्त निदेशक पीके यादव ने बताया कि आरोपितों पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराएं भी लगाई गई हैं।
वरिष्ठ अधिवक्ता सईद खान के मुताबिक, नए बीएनएसएस के तहत पुलिस विवेचना के किसी भी चरण में अदालत से पुलिस कस्टडी रिमांड की मांग कर सकती है।
कैसे शुरू हुआ मामला?
मामले की शुरुआत 5 जून को हुई, जब पूर्व मंत्री और सपा नेता पवन पांडेय ने दानपात्रों से करोड़ों रुपये की चोरी का आरोप लगाया। 7 जून को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर यह मुद्दा उठाया। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 13 जून को एसआईटी गठित कर 15 दिनों में जांच रिपोर्ट देने के निर्देश दिए।
एसआईटी की प्रारंभिक जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश की गई। इसके बाद पुलिस ने रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू, अनुकल्प मिश्र, लवकुश मिश्र, मनीष यादव, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्र, अविनाश शुक्ल और सेवानिवृत्त बैंककर्मी सुभाष श्रीवास्तव को गिरफ्तार किया।
भर्ती प्रक्रिया भी जांच के दायरे में
पुलिस अब उन लोगों की भूमिका की भी जांच करेगी जिन्होंने आरोपितों को चढ़ावे की गणना से जुड़े कार्य में नियुक्त कराने में मदद की। जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि गणनाकर्मियों की भर्ती किसकी सिफारिश पर हुई और इसमें बैंक अधिकारियों व कर्मचारियों की क्या भूमिका रही। बताया जा रहा है कि चढ़ावे की गणना में करीब 40 लोग शामिल थे, जिनमें कई की नियुक्ति अनुकल्प मिश्र की सिफारिश पर हुई थी।
चांदी की ईंटें और कागभुशुंडि सुरक्षित
मंदिर में दान में मिले आभूषणों और बहुमूल्य वस्तुओं के गायब होने की चर्चाओं के बीच कारसेवकपुरम प्रभारी एवं संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी शिवदास सिंह ने स्पष्ट किया कि चांदी के कागभुशुंडि और चांदी की ईंटें पूरी तरह सुरक्षित हैं।
उन्होंने बताया कि चांदी का कागभुशुंडि कारसेवकपुरम स्थित ट्रस्ट महासचिव चंपत राय के कक्ष के पूजा स्थल पर रखा है और उसकी नियमित पूजा होती है। वहीं, सराफा कारोबारियों और सिंधी समाज की ओर से दान में मिली 2.60 किलोग्राम चांदी को मिंट संस्था की सहायता से आधा-आधा किलो के सिल्वर बार में परिवर्तित कर भारतीय स्टेट बैंक के लॉकर में सुरक्षित रखा गया है।
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