बंगाल पोस्ट-पोल हिंसा: 3 कार्यकर्ताओं की मौत, कई इलाकों में हिंसक झड़पें और तोड़फोड़

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बंगाल में चुनाव नतीजों के बाद हिंसा ने गंभीर रूप ले लिया है। मंगलवार को अलग-अलग घटनाओं में भाजपा के दो और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के एक कार्यकर्ता की मौत हो गई, जबकि कई जिलों से झड़प, आगजनी और तोड़फोड़ की खबरें सामने आई हैं।

न्यू टाउन इलाके में भाजपा कार्यकर्ता मधु मंडल की कथित तौर पर पिटाई के बाद मौत हो गई। बताया गया कि विजय जुलूस के दौरान विवाद बढ़ने पर उस पर हमला किया गया। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद गुस्साए भाजपा समर्थकों ने इलाके में विरोध प्रदर्शन किया, सड़क जाम की और टीएमसी कार्यकर्ताओं के घरों में तोड़फोड़ की। हालात को नियंत्रित करने के लिए केंद्रीय बलों की तैनाती करनी पड़ी।

वहीं, बीरभूम जिले के नानूर में टीएमसी कार्यकर्ता अबीर शेख की कथित तौर पर हत्या कर दी गई। पुलिस के अनुसार, संतोषपुर गांव में विवाद के दौरान उस पर धारदार हथियार से हमला किया गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना में एक अन्य व्यक्ति घायल हुआ है। टीएमसी विधायक विधान माझी ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर हत्या का आरोप लगाया, जबकि भाजपा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।

इसके अलावा हावड़ा के उदय नारायणपुर में भाजपा कार्यकर्ता यादव बर की मौत की भी खबर है। परिजनों का आरोप है कि नारेबाजी और जश्न के दौरान उन पर हमला किया गया।

इधर, टालीगंज, कस्बा, हावड़ा, उत्तर 24 परगना और मुर्शिदाबाद समेत कई इलाकों में हिंसा, आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आई हैं। टालीगंज के बिजयगढ़-नेताजी नगर इलाके में एक चुनाव कार्यालय में तोड़फोड़ की गई, जबकि रूबी क्रॉसिंग पर एक पार्षद के दफ्तर को निशाना बनाया गया।

इन घटनाओं को लेकर टीएमसी और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। टीएमसी ने भाजपा पर सुनियोजित हिंसा भड़काने का आरोप लगाया है, जबकि भाजपा का कहना है कि यह टीएमसी के अंदरूनी संघर्ष का नतीजा है।

निर्वाचन आयोग ने मामले का संज्ञान लेते हुए स्थानीय प्रशासन से रिपोर्ट मांगी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

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