इंडिगो ऑपरेशन पटरी पर, जयपुर से सभी उड़ानें समय पर—10 बड़े अपडेट

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जयपुर में इंडिगो की सेवाएं सामान्य, सभी उड़ानें समय पर—जानें पूरी स्थिति

पिछले कुछ दिनों से ऑपरेशनल दिक्कतों का सामना कर रही इंडिगो की सेवाएं अब धीरे-धीरे सामान्य होती दिख रही हैं। जयपुर एयरपोर्ट से सोमवार सुबह तक किसी भी उड़ान के रद्द होने की जानकारी नहीं है। यहां से 7 इंडिगो फ्लाइट्स समय पर रवाना हुई हैं, जबकि बाकी उड़ानें भी तय शिड्यूल के अनुसार संचालित हो रही हैं।

जयपुर से अब तक उड़ीं ये फ्लाइट्स
सुबह 5:35 बजे बेंगलुरु (6E-839), 5:45 बजे गोवा (6E-6977), 5:50 बजे चंडीगढ़ (6E-7742), 6:10 बजे हैदराबाद (6E-752), 6:25 बजे इंदौर (6E-7744), 6:40 बजे गुवाहाटी (6E-748) और उदयपुर (6E-7465) की फ्लाइट्स निर्धारित समय पर प्रस्थान कर चुकी हैं।

अन्य एयरपोर्ट्स पर स्थिति में सुधार
स्टाफिंग संकट के कारण मंगलवार से इंडिगो की सेवाओं पर असर पड़ा था और कई बड़े एयरपोर्ट्स पर सैकड़ों उड़ानें रद्द करनी पड़ी थीं। अब एयरलाइन द्वारा सुधारात्मक कदमों के बाद देशभर में स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। जयपुर में भी सोमवार सुबह तक संचालन सुचारु रहा।

इंडिगो का बयान
सीईओ पीटर एल्बर्स ने कहा कि एयरलाइन का लक्ष्य 10 दिसंबर तक नेटवर्क को पूरी तरह स्थिर करना है। उन्होंने बताया कि 5 से 15 दिसंबर के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए कैंसलेशन और रीशेड्यूलिंग चार्ज माफ कर दिए गए हैं, जबकि रद्द उड़ानों का रिफंड स्वतः जारी किया जा रहा है।

डीजीसीए की कार्रवाई
उड़ान रद्द होने की बड़ी संख्या के बाद डीजीसीए ने सीईओ को नोटिस जारी कर 24 घंटे में जवाब मांगा है। नियामक के अनुसार इंडिगो ने नए Flight Duty Time Limitation (FDTL) नियमों के अनुरूप स्टाफिंग और रोस्टरिंग की पर्याप्त तैयारी नहीं की, जिससे नेटवर्क पर दबाव बढ़ा।

रिफंड और बैगेज अपडेट
इंडिगो ने बताया कि अब तक 610 करोड़ रुपये के रिफंड जारी किए जा चुके हैं। साथ ही शनिवार तक 3,000 से अधिक यात्रियों का सामान भी पहुंचा दिया गया है। सरकार के मुताबिक देश का विमानन नेटवर्क तेजी से सामान्य स्थिति की ओर लौट रहा है।

सरकार की प्रतिक्रिया
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू ने कहा कि DGCA अधिकारियों के साथ मिलकर विस्तृत जांच की जाएगी और जहां आवश्यक होगा, कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता यात्रियों को अधिकतम सुविधा सुनिश्चित करना है।

संकट की वजह क्या थी?
इंडिगो अपने सबसे बड़े ऑपरेशनल संकटों में से एक से जूझ रहा था। नए एफडीटीएल नियमों में बदलाव और एयरलाइन के ‘लीन स्टाफिंग मॉडल’ के कारण अचानक पायलटों की उपलब्धता कम हो गई। इससे उड़ान संचालन पर बड़ा असर पड़ा।

एफडीटीएल में मुख्य बदलाव
नए नियमों के तहत पायलटों का साप्ताहिक आराम 36 से बढ़ाकर 48 घंटे किया गया, रात की लगातार ड्यूटी अधिकतम दो तक सीमित की गई और रात की उड़ानों पर भी प्रतिबंध लगाए गए। इससे पायलटों द्वारा उड़ाई जाने वाली कुल उड़ानों में गिरावट आई।

पायलट स्टाफ की कमी
इंडिगो को अपने एयरबस A320 बेड़े के लिए 2,422 कैप्टन की जरूरत थी, लेकिन केवल 2,357 उपलब्ध थे। फर्स्ट ऑफिसर्स में भी कमी थी। साथ ही एयरलाइन का उच्च विमान उपयोग और बड़ी संख्या में रात की उड़ानों पर निर्भरता वाला मॉडल नए नियमों के साथ मेल नहीं खा पाया, जिसके कारण 2 दिसंबर से बड़े पैमाने पर उड़ानें रद्द होने लगीं।

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