इबोला को लेकर भारत अलर्ट मोड पर, स्वास्थ्य मंत्रालय बोला- देश में नहीं मिला कोई मामला

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अफ्रीकी देशों कांगो और युगांडा में इबोला वायरस के बढ़ते मामलों के बीच भारत सरकार ने सतर्कता बढ़ा दी है।

हालांकि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देश में अब तक इबोला संक्रमण का कोई मामला सामने नहीं आया है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।

संक्रमण को लेकर एहतियात के तौर पर केंद्र सरकार ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को निगरानी बढ़ाने और जरूरी स्वास्थ्य तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। बुधवार को स्वास्थ्य मंत्रालय में सचिव पुण्य सलिल श्रीवास्तव की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें देश की तैयारियों और मौजूदा स्थिति की समीक्षा की गई।

सरकारी सूत्रों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, समुद्री बंदरगाहों और सीमावर्ती एंट्री पॉइंट्स पर निगरानी बढ़ा दी गई है। विदेश से आने वाले यात्रियों की स्क्रीनिंग और स्वास्थ्य जांच पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, खासकर उन यात्रियों पर जो प्रभावित देशों से आ रहे हैं।

अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों के अनुसार कांगो और युगांडा में इबोला संक्रमण के सैकड़ों मामले सामने आए हैं और बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई है। हालांकि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कहा है कि फिलहाल संक्रमण के वैश्विक महामारी बनने का खतरा बेहद कम है और इसका असर मुख्य रूप से प्रभावित क्षेत्र तक सीमित रहने की संभावना है।

डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक Tedros Adhanom Ghebreyesus ने कहा है कि मौजूदा स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। संगठन की इमर्जेंसी कमेटी ने वायरस के बुंडीबुग्यो स्ट्रेन से जुड़े जोखिमों और नियंत्रण उपायों पर भी चर्चा की है। विशेषज्ञों के मुताबिक इस स्ट्रेन के खिलाफ प्रभावी वैक्सीन विकसित करने में समय लग सकता है, इसलिए फिलहाल संक्रमण रोकने और मरीजों के लक्षणों के इलाज पर फोकस किया जा रहा है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से घबराने की बजाय सतर्क रहने की अपील की है। सरकार ने राज्यों से अस्पतालों, आइसोलेशन सुविधाओं और मेडिकल टीमों को तैयार रखने को कहा है ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

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