कर्नाटक में पीढ़ी बदलाव की तैयारी! नई कैबिनेट में सीनियर मंत्रियों की छुट्टी, युवाओं को मिल सकता है बड़ा मौका

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कर्नाटक की राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री पद से Siddaramaiah के इस्तीफे की चर्चाओं के बीच कांग्रेस नेतृत्व नई और युवा टीम तैयार करने की रणनीति पर काम करता दिख रहा है।

माना जा रहा है कि पार्टी सत्ता और संगठन के बीच संतुलन साधते हुए D. K. Shivakumar को अहम जिम्मेदारी सौंप सकती है।

सूत्रों के मुताबिक, अगर शिवकुमार को नेतृत्व मिलता है तो अगली कैबिनेट में कई वरिष्ठ मंत्रियों की भूमिका सीमित हो सकती है। इनमें समाज कल्याण मंत्री एच.सी. महादेवप्पा, ऊर्जा मंत्री केजे जॉर्ज और गृह मंत्री जी. परमेश्वर जैसे बड़े नाम शामिल बताए जा रहे हैं। पार्टी के भीतर यह भी चर्चा है कि कुछ ऐसे नेता, जिन्हें सिद्धारमैया का करीबी माना जाता है, उनकी स्थिति पर भी नए सिरे से विचार हो सकता है।

कांग्रेस के भीतर यह बदलाव राहुल गांधी की उस सोच से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसमें युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। बताया जा रहा है कि पार्टी केरल में कांग्रेस नीत यूडीएफ की तर्ज पर अनुभव और युवा चेहरों के संतुलन वाला मॉडल अपनाने पर विचार कर रही है।

हालांकि, पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि अभी किसी तरह का अंतिम फैसला नहीं हुआ है। उनका मानना है कि सरकार चलाने के लिए अनुभव भी उतना ही जरूरी है जितना नई ऊर्जा। इसलिए नई कैबिनेट में कुछ अनुभवी चेहरों को बनाए रखने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

सूत्रों के अनुसार, मौजूदा सरकार के कुछ मंत्रियों को दोबारा मौका मिल सकता है, जबकि कई नए चेहरों को भी कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है। कांग्रेस नेतृत्व पहले भी 50 वर्ष से कम उम्र के नेताओं को ज्यादा अवसर देने की बात करता रहा है और माना जा रहा है कि अगली टीम बनाते समय इसी फॉर्मूले पर जोर रहेगा।

पूर्व मंत्री R. V. Deshpande ने भी संकेत दिया कि बदलाव जरूरी है, लेकिन अनुभवी नेताओं को पूरी तरह नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि सरकार में नई सोच के साथ प्रशासनिक अनुभव का संतुलन होना बेहद अहम है।

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