कर्नाटक को आज मिलेगा नया मुख्यमंत्री, डीके शिवकुमार संभालेंगे कमान; जी परमेश्वर बन सकते हैं डिप्टी CM

1

कर्नाटक में आज सत्ता परिवर्तन का महत्वपूर्ण दिन है। कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं।

बेंगलुरु में आयोजित होने वाले शपथ ग्रहण समारोह के साथ राज्य में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू होगी। सूत्रों के अनुसार, शिवकुमार के साथ पहले चरण में करीब 10 मंत्रियों को भी शपथ दिलाई जा सकती है।

नई सरकार में सामाजिक और राजनीतिक संतुलन बनाए रखने के लिए एक से अधिक उपमुख्यमंत्री नियुक्त किए जाने की संभावना जताई जा रही है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता जी परमेश्वर का नाम उपमुख्यमंत्री पद के प्रमुख दावेदारों में शामिल बताया जा रहा है। इसके अलावा विभिन्न समुदायों और क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व देने पर भी पार्टी नेतृत्व का जोर है।

मंत्रिमंडल गठन को लेकर पिछले कई दिनों से दिल्ली में कांग्रेस नेतृत्व के साथ लगातार मंथन चल रहा था। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर हुई अहम बैठकों में सरकार के स्वरूप और मंत्रिमंडल के संभावित चेहरों पर विस्तार से चर्चा की गई। इन बैठकों में राहुल गांधी, केसी वेणुगोपाल, रणदीप सिंह सुरजेवाला, डीके शिवकुमार और सिद्दरमैया समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

पार्टी सूत्रों के अनुसार, मंत्रिमंडल गठन में क्षेत्रीय और सामाजिक समीकरणों को विशेष महत्व दिया गया है। कांग्रेस नेतृत्व ने यह सुनिश्चित करने की कोशिश की है कि विभिन्न वर्गों और नेताओं को उचित प्रतिनिधित्व मिले, ताकि संगठनात्मक संतुलन बना रहे।

संवैधानिक प्रावधानों के तहत कर्नाटक मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री समेत अधिकतम 34 सदस्य हो सकते हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि पहले चरण में सीमित संख्या में मंत्रियों को शपथ दिलाई जाएगी और बाद में मंत्रिमंडल का विस्तार किया जाएगा।

शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के अलावा कांग्रेस शासित राज्यों के कई मुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता भी शामिल हो सकते हैं। समारोह को पार्टी के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक अवसर के रूप में देखा जा रहा है।

राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि आगामी चुनावों और सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए दलित, लिंगायत और अन्य प्रभावशाली वर्गों को सरकार में प्रमुख जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं। इसी कारण उपमुख्यमंत्री पदों की संख्या बढ़ाने के विकल्प पर भी विचार किया गया है। साथ ही, मंत्रिमंडल में कई नए और अनुभवी चेहरों को जगह मिलने की संभावना बनी हुई है।

Comments are closed.