हर हफ्ते मजदूरी, देरी पर ब्‍याज भी—शिवराज सिंह चौहान ने बताए नए फायदे

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दुनिया की सबसे बड़ी रोजगार गारंटी योजना मनरेगा की जगह लाए गए नए ‘विकसित भारत–जी राम जी अधिनियम, 2025’ के तहत अब मजदूरी का भुगतान एक हफ्ते के भीतर करना अनिवार्य होगा।

भुगतान में देरी की स्थिति में अधिकारियों को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। यदि 15 दिन के भीतर मजदूरी नहीं मिली, तो मजदूरों को 0.05 प्रतिशत की दर से ब्याज के रूप में अतिरिक्त मजदूरी दी जाएगी। G-RAM-G योजना को लेकर तेज होती सियासत के बीच केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान गुरुवार को महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के लोनी बुद्रुक पहुंचे। यहां उन्होंने एक विशेष ग्राम सभा को संबोधित करते हुए नए कानून के प्रावधानों और फायदों की जानकारी दी।

केंद्रीय मंत्री ने गिनाए G-RAM-G के फायदे
सरपंचों और ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों की सभा को संबोधित करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा,

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मंगलवार को देश भर के लगभग 45,000 जगहों पर कार्यरत 2 लाख से अधिक मनरेगा कर्मियों से नए ‘विकसित भारत – जी राम जी’ कानून पर विस्तार से चर्चा किया था. इस राष्ट्रीय चर्चा के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने सभी मनरेगा कर्मियों को आश्वासन दिया कि नए अधिनियम के कार्यान्वयन से वर्तमान में कार्यरत किसी भी मनरेगा कर्मी की सेवा प्रभावित नहीं होगी.

“विकसित भारत–जी राम जी अधिनियम, 2025 के तहत अब 100 नहीं, बल्कि 125 दिनों के रोजगार की कानूनी गारंटी दी गई है। काम न मिलने की स्थिति में बेरोजगारी भत्ते के प्रावधानों को और सशक्त किया गया है। इस कानून के तहत मजदूरी एक सप्ताह के भीतर देना अनिवार्य होगा। यदि 15 दिन में भुगतान नहीं होता है, तो मजदूर को 0.05 प्रतिशत अतिरिक्त मजदूरी ब्याज के रूप में मिलेगी। पहले देरी पर कुछ नहीं मिलता था, अब देरी करने वालों को उसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।”

देशभर में वेबकास्ट हुआ संवाद
केंद्रीय मंत्री का यह संवाद ग्रामीण भारत तक नए कानून के फायदों को पहुंचाने की सरकार की बड़ी पहल का हिस्सा रहा। ग्राम सभा के साथ हुए इस कार्यक्रम का देशभर में वेबकास्ट किया गया। ग्रामीण विकास मंत्रालय के मुताबिक, 60 लाख से अधिक लोगों ने इसे एक लाख से ज्यादा स्थानों से देखा, जिनमें आम नागरिक, स्वयं सहायता समूहों के सदस्य और किसान शामिल थे।

महिलाओं को सशक्त करने पर जोर
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार ‘जी राम जी’ कानून के जरिए ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाना चाहती है। मंत्रालय के अनुसार, इस योजना में कम से कम 33 प्रतिशत काम महिलाओं को देना अनिवार्य किया गया है, ताकि उन्हें मजदूरी के साथ-साथ अन्य कार्यों में भी पर्याप्त अवसर मिल सकें।

खेती के सीजन में राज्यों को विशेष अधिकार
खेती के पीक सीजन में मजदूरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए नए कानून में राज्य सरकारों को विशेष अधिकार दिए गए हैं। इसके तहत कटाई-बुवाई के दौरान अधिकतम 60 दिनों तक मजदूरों को कृषि कार्यों में लगाने के लिए अधिसूचना जारी की जा सकेगी।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मंगलवार को देश भर के लगभग 45,000 जगहों पर कार्यरत 2 लाख से अधिक मनरेगा कर्मियों से नए ‘विकसित भारत – जी राम जी’ कानून पर विस्तार से चर्चा किया था. इस राष्ट्रीय चर्चा के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने सभी मनरेगा कर्मियों को आश्वासन दिया कि नए अधिनियम के कार्यान्वयन से वर्तमान में कार्यरत किसी भी मनरेगा कर्मी की सेवा प्रभावित नहीं होगी.

प्रशासनिक व्यय बढ़ा
नए कानून में प्रशासनिक व्यय को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 9 प्रतिशत कर दिया गया है, ताकि रोजगार सहायकों के वेतन में देरी और भुगतान से जुड़ी समस्याएं न हों।

मनरेगा कर्मियों का रोजगार सुरक्षित
कृषि मंत्रालय के अनुसार, राष्ट्रीय स्तर के इस संवाद के दौरान केंद्रीय मंत्री ने मनरेगा कर्मियों के प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि अधिनियम की धारा 37(3) के तहत मनरेगा में कार्यरत कर्मियों का रोजगार पूरी तरह सुरक्षित है। जो कर्मी मनरेगा को लागू कर रहे थे, वही ‘विकसित भारत–जी राम जी अधिनियम, 2025’ को भी लागू करेंगे। राज्यों के माध्यम से उनकी सेवाएं जारी रखने के प्रावधानों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।

बजट में बड़ा इजाफा प्रस्तावित
ग्रामीण विकास मंत्रालय ने मनरेगा की जगह लाए गए नए ‘विकसित भारत–जी राम जी’ कानून के लिए बजट में करीब 72 प्रतिशत बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा है। पिछले बजट में जहां ₹88,000 करोड़ का प्रावधान था, वहीं इस बार इसे बढ़ाकर ₹1,51,282 करोड़ करने का प्रस्ताव दिया गया है।

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