बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के स्वरूपनगर स्थित हाकिमपुर चेकपोस्ट बॉर्डर पर इन दिनों असामान्य हलचल देखी जा रही है।
पिछले दो दिनों से सीमा की ओर बढ़ते लोगों के चेहरों पर डर और बेचैनी साफ दिखाई दे रही है। महिलाएं जल्दबाजी में बांधे गए कपड़ों के छोटे बैग और प्लास्टिक की थैलियां लिए हुए हैं, जबकि बच्चों की आंखों में अनिश्चित भविष्य का भय झलक रहा है।
सूत्रों के अनुसार, अवैध रूप से रह रहे कई बांग्लादेशी नागरिक परिवार सहित बंगाल छोड़कर सीमा की ओर लौट रहे हैं। राज्य में घुसपैठ और फर्जी दस्तावेजों के खिलाफ संभावित सख्ती तथा होल्डिंग सेंटर बनाए जाने की चर्चाओं ने इन परिवारों में दहशत पैदा कर दी है। बताया जा रहा है कि पहचान होने के बाद अवैध नागरिकों को सीमा पार भेजने की कार्रवाई तेज हो सकती है।
इन लोगों में कई ऐसे भी हैं जो वर्षों से कोलकाता, बारासात, दमदम, हावड़ा और आसपास के इलाकों में काम कर रहे थे। कोई रिक्शा चलाता था, कोई निर्माण मजदूर था, तो कोई घरेलू काम या छोटे कारखानों में मजदूरी करता था। सीमावर्ती इलाकों के स्थानीय लोगों का कहना है कि देर रात से सुबह तक छोटे-छोटे समूहों में लोग सीमा की ओर पहुंच रहे हैं।
कोलकाता के एक चमड़ा कारखाने में काम करने वाले 28 वर्षीय नसीम मोल्ला ने बताया कि शुरुआत में लगा था कि सिर्फ दस्तावेजों की जांच होगी, लेकिन अब माहौल बदल चुका है। वहीं, 42 वर्षीय अब्दुल करीम ने कहा कि वह करीब दस साल पहले मजदूरी करने आया था और इस दौरान उसके आधार, राशन कार्ड और अन्य दस्तावेज भी बन गए थे, लेकिन अब डर का माहौल है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले एक साल में यह दूसरा मौका है जब बड़ी संख्या में लोग अचानक सीमा की ओर लौटते दिखाई दे रहे हैं।
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