अमेरिका और ईरान के बीच जारी शांति वार्ता के बीच दक्षिणी ईरान में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई ने तनाव बढ़ा दिया है।
अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि उसने आत्मरक्षा में यह हमला किया, जिसमें मिसाइल लॉन्च साइट्स और बारूदी सुरंगें बिछाने की कोशिश कर रही ईरानी नौकाओं को निशाना बनाया गया।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने फॉक्स न्यूज से बातचीत में कहा कि ईरानी सेना से उत्पन्न खतरे को देखते हुए अमेरिकी सैनिकों की सुरक्षा के लिए दक्षिणी ईरान में सीमित हमले किए गए। उन्होंने कहा कि मौजूदा युद्धविराम के बावजूद अमेरिकी सेना अपने जवानों की सुरक्षा को लेकर सतर्क है।
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मेमोरियल डे संबोधन में दोहराया कि “ईरान कभी परमाणु हथियार हासिल नहीं कर पाएगा।” ट्रंप ने सोशल मीडिया पर यह भी कहा कि ईरान अपने संवर्धित यूरेनियम को या तो तुरंत अमेरिका को सौंप दे ताकि उसे नष्ट किया जा सके, या फिर अंतरराष्ट्रीय निगरानी में ईरान के भीतर ही उसे खत्म किया जाए।
उधर, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दक्षिणी ईरान के बंदर अब्बास, सिरिक और जास्क जैसे तटीय इलाकों में कई विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। हालांकि धमाकों के पीछे की सटीक वजह और स्थान की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।
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